Home देश/विदेश Bihar SIR Kya Hai: विधानसभा चुनाव में केवल ‘बिहारी’ ही राज्य का...

Bihar SIR Kya Hai: विधानसभा चुनाव में केवल ‘बिहारी’ ही राज्य का भाग्य तय करेंगे, न कि विदेशी; SIR पर बीजेपी ने विपक्ष को घेरा

25
0

[ad_1]

नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को बिहार में जारी मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर सवाल उठाने के लिए विपक्षी दलों की आलोचना की और कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में केवल ‘बिहारी’ ही राज्य का भाग्य तय करेंगे, न कि विदेशी या अवैध अप्रवासी.

इससे पहले दिन में अधिकारियों ने कहा कि निर्वाचन आयोग के क्षेत्रीय एजेंटों ने बिहार में घर-घर जाकर की गई मतदाता सूची की गहन समीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमा के लोगों का पता लगाया है.

उन्होंने कहा कि 30 सितंबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में अवैध प्रवासियों के नाम शामिल नहीं किए जाएंगे और ऐसे लोगों की उचित जांच एक अगस्त के बाद की जाएगी.

प्रतिक्रिया मांगे जाने पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने पीटीआई वीडियो को बताया, “बिहार के निवासी और राज्य के वैध मतदाता किसी भी मतदाता सूची की समीक्षा के दौरान किसी भी समस्या का सामना नहीं कर रहे हैं.”

भाजपा नेता ने कहा कि लेकिन नेपाल, म्यांमा और बांग्लादेशी अवैध प्रवासियों और विदेशियों को मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जा सकता.

उन्होंने कहा, “बिहार के लोग वोट देकर राज्य का भाग्य तय करेंगे, दूसरे देशों के नागरिक नहीं.”

भाजपा के एक अन्य राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अतीत में उनके शासन के दौरान विभिन्न देशों से अवैध प्रवासियों को “लाकर बसाया गया.”

उन्होंने पीटीआई वीडियो को बताया, “उन्हें सभी प्रकार के पहचान पत्र प्रदान किए गए. अब उन्हें हटाया जा रहा है… यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि संविधान के अनुसार केवल भारतीय नागरिक ही मताधिकार का इस्तेमाल करें.”

पूनावाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद के तेजस्वी यादव बिहार में जारी एसआईआर प्रक्रिया के बारे में ‘झूठ’ फैलाकर निर्वाचन आयोग पर ‘दबाव बनाने’ की कोशिश कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘वे संविधान को बचाने की बात करते हैं, लेकिन विदेशियों और घुसपैठियों को वोट देने का अधिकार देना चाहते हैं. वे उन्हें अपने (पार्टियों के) शासन के दौरान लाए और बसाया…..यह उनकी मानसिकता है.’’ उन्होंने कांग्रेस और राजद पर उनकी ‘‘वोट बैंक नीति’’ को संविधान से ऊपर रखने का आरोप लगाया.

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here