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Elder Abuse Awareness Day Today | बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस आज: सांसें हैं, पर सहारा नहीं… 7911 बुजुर्ग महिलाओं में 40% को बेटों और 27% को बहुओं ने किया प्रताड़ित; लेकिन 18% ने नहीं की शिकायत – Bhopal News

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राजधानी की कमला बाई, उम्र 80 वर्ष, अब वृद्धाश्रम में रह रही हैं। उनके पति ने दो मकान बेटों के नाम कर दिए थे। पति की मौत के बाद बेटों ने उन्हें बोझ समझ लिया। बहू कहती थी कि वह नर्स नहीं है, जो उनकी देखरेख करे। एक दिन बेटा उन्हें बस स्टैंड पर छोड़कर चल

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केंद्र की एल्डर लाइन हेल्पलाइन (14567) पर हर महीने मप्र से 2770 से अधिक शिकायतें आती हैं। इनमें ज़्यादातर शिकायतें बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार की होती हैं। हालांकि हेल्पलाइन है, लेकिन कोई फील्ड ऑफिसर नहीं है जो बुजुर्गों को मौके से रेस्क्यू कर सके। शिकायत मिलने पर सामाजिक न्याय विभाग सिर्फ सूचना देता है, तत्काल मदद के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है।

इस स्थिति में हेल्पएज इंडिया और लक्ष्मी नारायण आनंदम क्लब जैसे संगठन व्यक्तिगत स्तर पर सक्रिय हैं। वे बुजुर्गों को रेस्क्यू करके पुनर्वास की व्यवस्था करते हैं। हेल्पएज इंडिया की 2024 की एक रिपोर्ट के अनुसार, 20 राज्यों, 2 केंद्रशासित प्रदेशों और 5 मेट्रो शहरों की 7911 बुजुर्ग महिलाओं से चर्चा में सामने आया कि 40% को बेटों और 27% को बहुओं से दुर्व्यवहार झेलना पड़ा, लेकिन 18% बुजुर्ग महिलाओं ने किसी भी फोरम में शिकायत तक नहीं की।

हेल्पएज इंडिया और आनंदम क्लब के अनुसार, भोपाल में हर माह 325 प्रताड़ना की शिकायतें मिलती हैं, लेकिन मदद तभी मिलती है जब पुलिस हस्तक्षेप करती है। आनंदम क्लब के सचिव मोहन सोनी ने बताया कि कई बार वृद्धाश्रम में जगह दिलाने के लिए भी वरिष्ठ अधिकारियों को दखल देना पड़ता है। एल्डर लाइन कर्मचारी बताते हैं कि पहले वे केंद्रीय सामाजिक न्याय विभाग से नियुक्त थे और तुरंत मदद पहुंचाते थे। अब शिकायतें तो मिलती हैं, लेकिन अधिकार नहीं होने से मदद नहीं कर पाते।

फील्ड रिस्पॉन्स अफसर आएंगे तो करेंगे मदद ^बुजुर्गों की काउंसलिंग कर सहायता की जा रही है, यदि फील्ड ऑफिसर आएंगे तो हम उन्हें पूरी तरह सहयोग करेंगे। संस्कृति गौड़, स्टेट हेड हेल्प एज इंडिया ^विभाग ने एक प्रस्ताव मप्र शासन और केंद्र को भेजा है। 3 साल में केंद्र के द्वारा समस्या का समाधान नहीं हो पाया। ऐसे में विभाग शिकायत मिलने पर संबंधित विभाग को प्रकरण रेफर कर देते हैं। बीएस उइके, सहायक संचालक, सामाजिक न्याय

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