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बुरहानपुर में नवदुर्गा उत्सव के तहत शुक्रवार शाम से माता की प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हो गया। प्रतिमाओं का विसर्जन और चल समारोह मुख्य रूप से आज से निकलेगा, जो 13 अक्टूबर तक जारी रहेगा।
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प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए प्रशासन ने 3 स्थान निर्धारित किए हैं। इसमें राजघाट, हतनूर और नागझिरी शामिल है। इसके अलावा नगर में मूर्तियों का चल समारोह निकलना है, इसे लेकर यातायात विभाग ने रूट चार्ट जारी किया है।
शहर में यह होगी व्यवस्था
गणपति नाका क्षेत्र
छोटे और मध्यम आकार की प्रतिमाएं सिंधीपुरा से सिंधीपुरा चौराहा, बुधवारा चौराहा, ढोलीवाड़ा, अड्डे की मस्जिद, मटका बाजार, सुभाष चौक, गांधी चौक, फूल चौक से बाई साहब की हवेली या फूल चौक से कारंज बाजार के बाद चकला तिराहा से होते हुए राजघाट विसर्जन स्थल जाएगी।
मध्यम आकार की प्रतिमाएं पांडुमल चौराहा से राजपुरा गेट से बाहर निकलकर हाईवे से होते हुए शिकारपुरा थाने के सामने जीजामाता चौराहे से रेणुका तिराहा होते हुए हथनूर विसर्जन स्थल पहुंचेगी।
इसी तरह शिकारपुरा क्षेत्र की छोटे आकार की प्रतिमाएं महाजनापेठ रोड से तिलक चौराहा, पांडुमल चौराहा, कमल तिराहा, गांधी चोक, फूल चौक से बाई साहब की हवेली या फूल चौक से कारंज बाजार के बाद चकला तिराहा होते हुए राजघाट विसर्जन स्थल पहुंचगी। मध्यम आकार की प्रतिमाएं हथनूर विसर्जन स्थल जाएगी।

लालबाग थाना क्षेत्र
लालबाग क्षेत्र से सिंधी बस्ती चौराहा, संयुक्त जिला कार्यालय मोहम्मदपुरा, रेणुका तिराहा से होते हुए हथनूर पुल जाएगी।
कोतवाली थाना क्षेत्र
छोटे आकार की प्रतिमाएं कमल तिराहा, गांधी चौक, फूल चौक से बाई साहब की हवेली या फूल चौक से कारंज बाजार से चकला तिराहा होते हुए राजघाट विसर्जन स्थल जाएगी। मध्यम आकार की प्रतिमाएं जीजा माता चौराहे से होते हुए हथनूर जाएगी।
राजघाट में यह होगी व्यवस्था ताप्ती नदी के राजघाट पर छोटी और मध्यम आकार की मूर्तियां विसर्जित की जाना है। इसके लिए मूर्तियां फूल चौक से कारंज बाजार या फूल चौक से बाई साहब की हवेली, चकला तिराहा से होते हुए राजघाट गेट में प्रवेश करेगी। यह मार्ग वन-वे रहेगा। राजघाट गेट में शहर की ओर से प्रवेश करने वाले वाहन राजघाट पुल को पार कर जैनाबाद व हाईवे मार्ग से बड़े ताप्ती पुल से होते हुए शहर में प्रवेश करेंगे।

हथनूर घाट पर यह रहेगी व्यवस्था
ताप्ती नदी के हथनूर घाट पर मध्यम आकार की मूर्तियां विसर्जित की जाना है। इसके लिए मूर्तियां राजपुरा गेट से शहर के बाहर आएगी। थाना शिकारपुरा, जीजा माता चौराहा से रेणुका तिराहा होते हुए हथनूर पहुंचेगी। यह मार्ग वन-वे रहेगा। शहर से हथनूर की ओर जाने वाले वाहन हथनूर पुल पार कर शाहपुर होकर हाईवे से बड़े ताप्ती पुल होते हुए शहर में प्रवेश करेंगे।
अगर यातायात का दबाव बढ़ा तो बदलेंगे रास्ता
यातायात विभाग के अनुसार अगर इन मार्गों पर यातायात का दबाव अधिक रहा तो मार्ग परिवर्तित किया जा सकता है। ऐसे में परिवर्तित मार्ग शनीवारा चौराहा से सिंधी बस्ती चौराहा, टेक्मो तिराहा, मोहम्मदपुरा, रेणुका माता तिराहा से हथनूर विसर्जन स्थल किया जाएगा।
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