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Satna:फेरे होते ही दूल्हे के संग एग्जाम हॉल पहुंची दुल्हन, बीएड की परीक्षा के बाद पूरी हुई विदाई की रस्में – The Bride Arrived With The Groom To Appear For The Bm Exam In Satna’s Pateri

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The bride arrived with the groom to appear for the BM exam in Satna's Pateri

परीक्षा हॉल पहुंची दुल्हन।
– फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

शहर के पतेरी निवासी अनिल कुमार अवधिया की बेटी नमिता ने बिलौन्धा नागौद निवासी हीरेन्द्र अवधिया के साथ शादी के सात फेरे लेने के बाद ससुराल जाने से पहले परीक्षा हॉल का रास्ता चुना। सोमवार की रात शादी की रस्में पूरी करने के बाद विदाई से पहले दुल्हन के जोड़े में नमिता पहले परीक्षा देने सेंटर पहुंची। उसने वहां पेपर हल किया और फिर लौट कर मैरिज गार्डन आई जहां विदाई की रस्में पूरी की गईं।

इस दौरान नमिता का साथ उसके जीवन साथी हीरेन्द्र ने दिया। दुल्हन के जोड़े में नमिता आई तो दूल्हा हीरेन्द्र भी शेरवानी और पगड़ी में उसे लेकर परीक्षा दिलाने आया। नमिता परीक्षा हॉल में बैठी प्रश्नों के उत्तर लिखती रही, जबकि हीरेन्द्र बाहर बैठ कर उसका इंतजार करता रहा। दोपहर 12 बजे जब पेपर खत्म हुआ और दुल्हन सेंटर से बाहर आई तो धीरेंद्र उसे लेकर मैरिज गार्डन आया, जहां घराती-बाराती दोनों का इंतजार कर रहे थे।

अंतिम पेपर की तारीख में हुआ बदलाव

दरअसल, पतेरी निवासी नमिता का विवाह बिलौन्धा नागौद निवासी हीरेन्द्र से तय हुआ। हीरेन्द्र भारतीय सेना में हैं और अखनूर में पोस्टेड हैं। नमिता बीएड की पढ़ाई कर रही थी लिहाजा शादी की तारीख तय करते वक्त यह ध्यान खास तौर पर दिया गया कि परीक्षा की डेट कहीं अड़चन न बनने पाए। नमिता का आखिरी पेपर 29 मई को था लिहाजा शादी की तारीख पांच जून को मुकर्रर की गई। शादी की सारी तैयारियां हो जाने के बाद ऐन वक्त पर 29 तारीख को होने वाला आखिरी पेपर टल गया और इत्तेफाक से इसकी तारीख 6 जून हो गई। नमिता ने यह जानकारी हीरेन्द्र को दी। हीरेन्द्र ने नमिता को भरोसा दिलाया कि शादी की रस्में भी पूरे विधान से होंगी और वह समय पर परीक्षा हॉल भी पहुंचेगी।

हीरेंद्र ने निभाया वादा

हीरेंद्र ने बताया कि उसने अपने परिवार वालों से बात की और उन्हें राजी किया। उसने कहा कि बिना देर किए रस्में पूरी कर ली जाएं तो नमिता पेपर भी दे सकेगी। विदाई पेपर के बाद हो जाएगी। उस पर हीरेन्द्र और नमिता के घर वाले भी राजी हो गए। सुबह पौने 9 बजे हीरेन्द्र अपनी दुल्हन को लेकर परीक्षा सेंटर पहुंच गया। नमिता ने अपने जीवन साथी और ससुराल पक्ष के सहयोग पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्होंने पढ़ाई को प्राथमिकता दी और उसके महत्व को समझते हुए सारा इंतजाम किया। मुझे खुशी है कि मुझे इतना अच्छा ससुराल मिला।

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