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वन विभाग के अधिकारियों ने आज (गुरुवार) शिवपुरी स्थित देश के 58वें और मध्यप्रदेश के 9वें माधव टाइगर रिज़र्व में उमरिया स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व से लाए गए एक और नर बाघ को छोड़ा। लगभग बीस दिन पहले यहां एक मादा बाघिन को छोड़ा गया था। अब माधव टाइगर रि
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केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस पर खुशी जाहिर करते हुए लिखा कि, यह कदम वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और इससे क्षेत्रीय पर्यटन व स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
एक महीने में पूरा हुआ वादा
10 मार्च 2025 को माधव राष्ट्रीय उद्यान को माधव टाइगर रिज़र्व का दर्जा मिला था, जहां एक बाघिन को छोड़ा गया था। उस समय कहा गया था कि जल्द ही एक और बाघ लाया जाएगा। इसके एक महीने के भीतर ही बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व से एक और नर बाघ को शिवपुरी लाकर सुरक्षित छोड़ा गया।
इसके बाद माधव टाइगर रिज़र्व में बाघों का कुनबा बढ़ने लगा है। वन अधिकारियों की देखरेख में बाघ को छोड़ने के बाद उसकी लगातार निगरानी भी की जा रही है।

माधव टाइगर रिज़र्व में बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व से लाए गए एक और नर बाघ को छोड़ा गया।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पिछले चार सालों से शिवपुरी के माधव राष्ट्रीय उद्यान में बाघों के पुनर्वास और इसे राष्ट्रीय टाइगर रिज़र्व का दर्जा दिलाने के प्रयास में लगे हुए थे। पहले, 2023 में, वे यहां तीन बाघ लेकर आए थे। इसके बाद, 10 मार्च 2025 को अपने पिता माधवराव सिंधिया की जयंती पर एक और बाघिन को यहां लाया गया, और इसी दिन इसे टाइगर रिज़र्व का दर्जा मिला।
सिंधिया ने X पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा
नए मेहमान का माधव टाइगर रिज़र्व में स्वागत है। आज सुबह शिवपुरी स्थित माधव टाइगर रिज़र्व में बांधवगढ़ से लाए गए बाघ का सफल पुनर्स्थापन किया गया। रिज़र्व में बाघों की निरंतर बढ़ती संख्या से न केवल मध्य प्रदेश का वन क्षेत्र समृद्ध होगा, बल्कि शिवपुरी के विकास को भी नई गति मिलेगी।

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