[ad_1]
भोपाल42 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

एमपी बोर्ड की बेस्ट फाइव योजना अब बंद होगी। यानि, स्टूडेंट्स को सभी छह विषयों में पास होना जरूरी होगा। इस संबंध में गुरुवार को स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिया। इस योजना को सत्र 2024-25 में खत्म कर दिया जाएगा। इसके तहत 6 विषयों में से 1 विषय में फेल होने वाले स्टूडेंट को पास कर दिया जाता है। स्कूल शिक्षा विभाग के उपसचिव प्रमोद सिंह ने बताया कि बहुत से विद्यार्थियों ने बेस्ट ऑफ फाइव के कारण गणित पर ध्यान देना छोड़ दिया था। इसके अलावा कई अन्य चीजों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। बता दें कि पिछले 3 सालों में 9वीं और 10वीं के छात्रों में इस स्कीम का फायदा करीब 2.74 लाख छात्रों को मिला है।

शासन का आदेश।
प्रतियोगिता परिक्षाओं के अलावा डिफेंस के एग्जाम में बच्चों को आ रही थी दिक्कत
बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार बच्चों को इस स्कीम के तरत कई तरह की दिक्कतें आ रहीं थीं। डिफेंस और कॉम्पिटिटिव एग्जाम में परेशानियां फेस कर रहे थे। क्योंकि अगर बच्चे को पहले से पता होता है कि वह पांच सब्जेक्ट को अच्छे से कर रहा है और एक सब्जेक्ट जैसे गणित या अंग्रेजी में दिक्कत है तो वह उसे पूरी तरह छोड़ देता था। जिसकी वजह से आगे उसे कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। उसके कई कॉन्सेप्ट भी क्लियर नहीं हो रहे थे। क्योंकि उसका एकेडमिक रिकार्ड भी बिगड़ रहा था। क्योंकि आम तौर पर कॉमन इंट्रेंस एग्जाम में बच्चों से गणित, अंग्रेजी और सामान्य ज्ञान के सवाल ही पूछे जाते हैं।

2017-18 में लागू हुई थी योजना
बेस्ट आफ फाइव योजना को 10वीं के परिणाम में सुधार करने के लिए 2017-18 में लागू किया गया था। इस योजना के तहत अगर विद्यार्थी छह विषयों में से पांच विषय में पास हो जाता है और एक विषय में फेल होता है तो भी उसे पास घोषित किया जाता था। इसमें सर्वाधिक अंकों वाले पांच विषयों के नंबर जोड़कर परिणाम घोषित किया जाता था, जबकि सबसे कम अंक आने वाले छठवें विषय को रिजल्ट में शामिल नहीं किया जाता था। हालांकि वह छात्र इसका एक एग्जाम दे भी सकता था मगर यह ऑप्शनल होता है। बताया जा रहा है कि इस संबंधत में लोक शिक्षण संचालनालय(डीपीआई) माशिमं को 2020 में ने भी पत्र लिखकर इस योजना को समाप्त करने के बारे में कहा था। तब से इस योजना को समाप्त करने की प्रक्रिया चल रही थी।
पिछले तीन सालों में इतने छात्रों को मिला फायदा
| साल | छात्रों की संख्या |
| 2023 | 1,13,551 |
| 2022 | 76,354 |
| 2021 | 84,956 |
[ad_2]
Source link





